राजस्थान सरकार द्वारा किसानों के हित में कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योजना है "किसान कलेवा योजना"। इस योजना के माध्यम से जब किसान भाई अपनी फसल बेचने कृषि उपज मंडी जाते हैं, तो उन्हें वहां बहुत ही कम दाम में पौष्टिक और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि इस योजना का लाभ कैसे मिलता है और आज (1 अप्रैल) से भोजन के मेनू में क्या बदलाव हुए हैं।
किसान कलेवा योजना क्या है?
यह योजना राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार मंडी समितियों द्वारा संचालित की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य मंडियों में आने वाले किसानों, हमालों और पल्लेदारों को रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदान करना है।
भोजन की थाली का मेनू और मात्रा
योजना के तहत मिलने वाली थाली में पौष्टिकता का पूरा ध्यान रखा जाता है:
चपाती: 8 (250 ग्राम गेहूं का आटा)
दाल: 1 कटोरी (125 ग्राम)
सब्जी: 1 कटोरी (125 ग्राम)
छाछ (गर्मियों में): 200 मि.ली. (1 अप्रैल से 30 सितंबर तक)
गुड़ (सर्दियों में): 50 ग्राम (1 अक्टूबर से 31 मार्च तक)
नोट: आज 1 अप्रैल है, इसलिए अब भोजन के साथ गुड़ के स्थान पर ठंडी छाछ मिलना शुरू हो गई है।
भोजन की कीमत और सब्सिडी
इस योजना की सबसे खास बात इसकी कम कीमत है:
भोजन की एक थाली का कुल खर्च ₹40 आता है।
किसान या पल्लेदार को केवल ₹5 का भुगतान करना होता है।
बाकी के ₹35 मंडी समिति द्वारा सब्सिडी के रूप में दिए जाते हैं।
योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया (How to get Coupon)
जब किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचता है, तो उसे अपनी उपज का इंद्राज (Entry) करवाना होता है।
मंडी में संबंधित आढ़तिया या व्यापारी द्वारा बोली बही में एंट्री करने के बाद किसान को कूपन जारी किया जाता है।
प्रति वाहन अधिकतम 2 व्यक्तियों को भोजन का कूपन दिया जाता है।
इस कूपन को दिखाकर आप मंडी में स्थित कैंटीन से मात्र ₹5 में भोजन प्राप्त कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण दस्तावेज और पात्रता
योजना का लाभ केवल मंडी में फसल बेचने आए किसानों और पंजीकृत पल्लेदारों को ही मिलता है।
कूपन प्राप्त करने के लिए फसल विक्रय की पर्ची या एंट्री आवश्यक है।
निष्कर्ष:
किसान कलेवा योजना राजस्थान के किसान भाइयों के लिए एक वरदान है, जिससे उन्हें मंडी में इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ती और सस्ते में घर जैसा खाना मिल जाता है। अगर आप एक किसान हैं या ई-मित्र संचालक हैं, तो इस जानकारी को अधिक से अधिक शेयर करें।
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